पूजन-हवन के साथ याद किए गए बिहार केसरी, विचारों की विरासत पर होगा संवाद
पूजन-हवन के साथ याद किए गए बिहार केसरी, विचारों की विरासत पर होगा संवाद
श्रीकृष्ण रामरुचि महाविद्यालय में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार हुआ अनुष्ठान, माऊर से गिरिहिंडा तक प्रतिमाओं पर चढ़ाए गए श्रद्धा के फूल
शेखपुरा
बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर बुधवार को बरबीघा और शेखपुरा में श्रद्धा और सम्मान का माहौल रहा। कहीं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-हवन हुआ, तो कहीं उनकी प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया गया। उनकी जन्मस्थली माऊर गांव से लेकर बरबीघा के श्रीकृष्ण सिंह चौक और शेखपुरा के गिरिहिंडा तक लोगों ने बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट की। जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके व्यक्तित्व, विचारों और बिहार के विकास में उनके योगदान को स्मरण किया गया।

पूजन-हवन के साथ निभाई गई वर्षों पुरानी परंपरा
बरबीघा स्थित श्रीकृष्ण रामरुचि महाविद्यालय में बिहार केसरी की जयंती पर वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार पूजन और हवन का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के सेवानिवृत्त कर्मी शिवशंकर झा और प्रफुल्ल कुमार ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं हवन संपन्न कराया। अनुष्ठान के दौरान वातावरण श्रद्धा और भक्तिभाव से ओतप्रोत रहा। इसके बाद महाविद्यालय परिसर में स्थापित श्रीकृष्ण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार, सेवानिवृत्त सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण मुरारी प्रसाद सिंह, सेवानिवृत्त महाविद्यालय कर्मी अमरनाथ प्रसाद सहित अन्य लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। महाविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम उस ऐतिहासिक व्यक्तित्व के प्रति सम्मान का प्रतीक बना, जिसने बिहार के राजनीतिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
24 अक्टूबर को श्रीबाबू के व्यक्तित्व और विरासत पर होगा संवाद
जयंती के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय कुमार ने बताया कि आगामी 24 अक्टूबर को महाविद्यालय में ‘श्रीकृष्ण सिंह के व्यक्तित्व, विचार और विरासत’ विषय पर संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. सहजानंद प्रसाद सिंह करेंगे। भारतीय संग्रहालय संघ के अध्यक्ष प्रो. आनंद वर्धन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि प्रो. शिशिर कुमार सिंह और प्रो. प्रभात कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम में श्रीकृष्ण सिंह के व्यक्तित्व, विचारों और ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा की जाएगी। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को बिहार केसरी के जीवन और उनकी विरासत से परिचित कराना है। जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि के साथ उनके विचारों पर संवाद की यह पहल उनके योगदान को वर्तमान संदर्भ में समझने का अवसर प्रदान करेगी।

माऊर गांव में पैतृक आवास पर उमड़े लोग
बिहार केसरी की जन्मस्थली माऊर गांव में भी जयंती पर विशेष उत्साह देखा गया। बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक आवास पहुंचे और वहां स्थापित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। लोगों ने दीप प्रज्वलित कर उन्हें नमन किया। जन्मभूमि पर जुटे लोगों की उपस्थिति ने अपने क्षेत्र के इस महान सपूत के प्रति सम्मान और जुड़ाव को प्रदर्शित किया।

गिरिहिंडा में भी प्रतिमा पर किया माल्यार्पण
शेखपुरा के गिरिहिंडा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थापित डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की प्रतिमा पर भी लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर बिंद, अस्पताल प्रबंधक धर्मवीर चौधरी, प्रमोद पिंटू, शुभम कुमार, अभय सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने बिहार केसरी के कार्यों और राज्य के विकास में उनके योगदान को याद किया। 

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